Arishta Vigyan: Charak Samhita Indriya Sthana ke Important Shloka |अरिष्ट विज्ञान – चरक संहिता इंद्रिय स्थान

Charak Samhita Indristhan Important Topic for all Competitive Exams.

आयुर्वेद में अरिष्ट विज्ञान (Arishta Vigyan) का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु कितने समय में होगी, कुछ विशेष लक्षणों (अरिष्ट लक्षण) के आधार पर। यह विज्ञान विभिन्न संकेतों और लक्षणों का विश्लेषण करता है, जो व्यक्ति की मृत्यु के निकट होने का संकेत देते हैं। नीचे कुछ प्रमुख अरिष्ट लक्षण और उनके आधार पर अनुमानित समयावधि का विवरण दिया गया है

ये अरिष्ट लक्षण आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित हैं और सामान्यत: चिकित्सक इन लक्षणों के आधार पर किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करते हैं। इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत चिकित्सा सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

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